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क्या उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग टेलिकॉम टॉवर कंपनी के साथ मिल कर करवा रहा बिजली चोरी ?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए हैं उसी योगी सरकार के बिजली विभाग के कर्मचारी कारपोरेट से मिलकर खुलेआम बिजली चोरी को अंजाम दे रहे हैं योगी सरकार कहने को तो 18 घंटे गाँव में विजली उपलब्ध करवा रही है पर जमीन पे कितनी मिल रही है ये बिजली विभाग के कर्मचारी जानते है या प्रदेश की ग्रामीण जनता

कनासी फर्रूखबाद

सोचिये आप का भाई या परिवार का कोई सदस्य प्राइवेट जॉब/आईटी प्रोफेशनल है और लॉक डाउन में गाँव आया है या आपके बच्चे की ऑनलाइन क्लास या एग्जाम हो और आपके घर लाइट न हो हो तो इतनी डाउन हो आप का लैपटॉप कंप्यूटर मोबाइल चले ही न सोचिये कितनी परेशानी और झल्लाहट होगी आपको इस सिस्टम के प्रति,ऐसी एक दुर्दशा का शिकार है मध्य उत्तर प्रदेश स्थित फर्रुखाबाद जिले का गांव कनासी, जहाँ के ग्रामीण विजली विभाग के कारनामों से पिछले 2 साल से परेशान है. ग्रामीणों का हाल खुछ इस तरह का है जैसे आमिर खान की पिक्चर पीपली लाइव में नथा और बुधिया का होता है जैसे सरकारी अफसर मजाक बना के रख देते है सिस्टम ने ऐसा ही मजाक बना दिया है इस गाँव के लोगो का बिजली बिभाग से शिकायत करने पर एक लालमन(झुटपुट करवाई ) पकड़ा कर चले जाते है|

चलते है खबर की तरफ

प्रतीकात्मक चित्र पीपली लाइव फिल्म से

नवाबगंज ब्लॉक में स्थित कनासी गांव में इंडस टावर लिमिटेड की एक टेलीकॉम साइट है जिसको इंडस टावर लिमिटेड ने विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों को ठेके पर दे रखा है इस टॉवर पर खुलेआम बिजली चोरी को अंजाम दिया जा रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक जो घरेलू लाइन है, उसमें लाइन कनेक्ट करके टावर को जो सप्लाई दी जा रही है जिससे कि पूरे गांव की पावर सप्लाई प्रभावित होती है.

अब असली खेल या पे शुरू है

टावर संचालक बिजली विभाग से मिलकर किसानों को प्रोवाइड कराई गई लाइन में मीटर को बाईपास करके टावर को बिजली सप्लाई दे रहे हैं. और दोनों तरफ से सप्लाई में मीटर के पहले और मीटर के बाद वायर में कट लगे हुये है. इसी तरह डायरेक्ट लाइन जोड़कर खुलेआम बिजली चोरी हो रही है. इस बात की पुस्टि विवेक कुमार जी जो कायमगंज के विद्युत बिलिंग पर्वेक्षक उन्होंने मौके पर मौजूद रहेकर इस चोरी को देखा। और एसडीओ (Nawabganj) राम कुमार जी को अवगत करवाया।

गाँव डॉट कॉम की विजली विभाग के अधिकारियों से क्या बात हुई ?

ग्रामीणों के मुताबिक कई बार शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं हुई इसी बात की पड़ताल करने के लिए गांव डॉट कॉम के एडिटर विशाल प्रताप सिंह गाँव पहुँच कर पड़ताल की और बिजली विभाग 1912 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर के सुचना दी गयीं। कॉल सेण्टर के कर्मचारी ने एसडीओ से बात करने को बोला इसके बाद एसडीओ नवाबगंज राम कुमार पूरी घटना से अवगत करवाया गया साथ चोरी करने की पूरी वीडियो भी भेजी गयी। एसडीओ रामकुमार की तरफ से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, उन्होंने ये कहा की अगर गाँव की के ट्रांसफॉर्मर से सप्लाई है तो वो वैध नहीं है में भेज के चेक करवाता हूँ.

उस SMS का स्क्रीनशॉट जो 1912 टोल फ्री नंबर शिकायत करने के बाद प्राप्त हुआ

इसके दो दिन बाद फिर अपडेट लेने के लिए जब एसडीओ राम कुमार जी को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैंने कर्मचारी को भेजा है. जब गाँव डॉट कॉम ने दोबारा जांच-पड़ताल की तो ये देख अचंभे में पड़ गये। एसडीओ राम कुमार जी ने उस चोरी पर मिट्टी डलवा दी | और जो चोरी करने के लिए मीटर से पहले और बाद में कट लगे थे, उन पर टैपिंग करवा दी गयी. और गाँव के लिए ट्रांसफार्मर से हो रही सप्लाई को जारी रखा गया। जैसा की हमेशा से होता आया है। गाँव वालो फिर मिला एक टैपिंग रूप में लालमन।

वायर कट पर की गई टैपिंग की सूचना जब एसडीओ को दी गई तो उन्होंने फोन उठाने बंद कर दिए इसी संबंध में कुछ व्हाट्सएप मैसेज भी उनको किए गए जिनका उन्होंने कोई रिप्लाई नहीं दिया और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया, इसी बाबात नवाबगंज विजलीघर के je को संपर्क किया गया तो उन्होंने ने कहा की टावर को 18 घंटे की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम हम करते हैं तो जब उनको यह सारी चीजें हैं बताई गई कि ऐसे से चोरी हो रही है तो बोले कि मैं विजलांस को लिख कर देता हूं ये मेरा काम नहीं है।मैं अभी इलेक्शन ड्यूटी से फ्री हुआ हूं अभी मेरे पास समय नहीं है उनको सारी समस्या से अवगत कराने के बाद भी यह की तरफ से भी कोई कार्यवाही नहीं की गई. जेई और एसडीओ के बयानों में काफी अंतर है एसडीओ का कहना है की पावर सप्लाई 18 घंटे तो सुनिश्चित है पर वह गांव के ट्रांसफार्मर से कनेक्ट नहीं हो सकती है उसके लिए अलग से ट्रांसफार्मर की जरूरत है अगर ऐसा हो रहा है तो हम इस पर कार्रवाई करेंगे और जब यही बात यहीं से बोली गई तो उनका साफ कहना था कि हम 18 घंटे सप्लाई सुनिश्चित करते हैं उससे ग्रामीणों को प्रॉब्लम हो या ना हो हमें उसको 18 घंटे सप्लाई देनी है तो इसका मतलब क्या समझा जाए कि जो गांव के 200 से 300 कनेक्शन से हैं वह फ्री में बिजली विभाग को पेमेंट कर रहे हैं विभाग कॉरपोरेट्स हाथों बिक चुका है आम जनता की समस्या से उनको कोई सरोकार नहीं रहे गया है

ग्रामीणों के मुताबिक इस भीषण गर्मी में कम वोल्टेज का सामना करना पड़ता है, जून मई की भीषण गर्मी और कोरोना महामारी का प्रकोप इस टाइम विजली की बहुत जरुरत पड़ती है जानवरो को पानी पिलाने के लिए समरसेबिल पंखा कूलर लो वोल्टेज के कारण कोई भी उपकरण काम नहीं करता है सबसे बड़ी समस्या तो बच्चो की पढ़ाई, एग्जाम और वर्क होम कर रहे उन शहरी ग्रामीणों को हो रही है
ग्रामीण बताते है गाँव के लिए 70 या 100KW का एक ट्रांफॉर्मर रखा हुआ है गाँव में २०० या 300 विजली कनेक्शन है उसी ट्रांसफार्मर से टॉवर सप्लाई की जाती है जिस की पुरे गाँव को लो वोल्टेज का सामना पिछले 2 साल से करना पड़ रहा है बिजली विभाग के SDO राम कुमार जी जब गाँव डॉट कॉम के रिपोर्टर विशाल जी ने बात की तो उनका कहना था अगर ऐसा है तो ये अवैध है उसके लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगा होना चाहिये। ये मेरे संज्ञान में नहीं है और में इसको चेक करवा के आगे की कार्रवाई करता हूँ इस बात अब तक 1 महीना बीत चूका है

Ajay Gangwar

लेखक मध्य्प्रदेश सरकार के पूर्व आईएएस अधिकारी है अजय गंगवार मध्यप्रदेश सरकार के प्रमुख प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके है.

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